
सावधान! यूट्यूब चैनल लाइक करने का लालच दे रहे ठग, 150 रुपये के लिए न पड़ें झांसे में
भिलाई, 20 जुलाई 2025:
साइबर ठगों ने अब युवाओं और आम लोगों को लूटने का नया तरीका खोज लिया है। वॉट्सऐप और टेलीग्राम के जरिए यूट्यूब चैनल लाइक और सब्सक्राइब करने के नाम पर 150 रुपये कमाने का लालच देकर ठगी की जा रही है। दुर्ग के SSP विजय अग्रवाल ने लोगों से सावधानी बरतने और ऐसे लुभावने ऑफर्स से बचने की अपील की है।
ठगी का नया जाल: शुरुआत में 150 रुपये, फिर बढ़ता टारगेट
साइबर ठग एक आकर्षक प्रोफाइल पिक्चर (अक्सर सुंदर लड़की की तस्वीर) वाले वॉट्सऐप या टेलीग्राम नंबर से मैसेज भेजते हैं। इसमें दावा किया जाता है कि सिर्फ तीन यूट्यूब चैनल लाइक और सब्सक्राइब करने पर 150 रुपये मिलेंगे। शुरुआत में छोटे-छोटे टास्क देकर ठग भरोसा जीतते हैं और फिर धीरे-धीरे टारगेट बढ़ाते हैं। कुछ समय बाद सब्सक्रिप्शन की राशि बढ़ाई जाती है और फिर आपको थर्ड-पार्टी ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है। इस ऐप के जरिए ठग आपके मोबाइल को रिमोटली कंट्रोल कर बैंक खाता खाली कर सकते हैं।
कैसे बचें साइबर ठगी से?
दुर्ग SSP विजय अग्रवाल ने लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
- लालच में न आएं: किसी भी अनजान मैसेज या ऑफर पर भरोसा न करें, खासकर जो आसान कमाई का लालच दे।
- लिंक पर क्लिक न करें: अनजान वॉट्सऐप या टेलीग्राम मैसेज में मिले लिंक को खोलने से बचें। यह आपके फोन को रिमोट एक्सेस दे सकता है।
- अनजान ऐप डाउनलोड न करें: यूट्यूब या सोशल मीडिया पर दिखने वाले लिंक से कोई ऐप डाउनलोड न करें।
- बैंक डिटेल्स गोपनीय रखें: UPI पिन, CVV Code, या OTP कभी किसी के साथ साझा न करें। बैंक कभी ऐसी जानकारी नहीं मांगता।
- अनजान पैसे वापस करने से पहले जांच करें: अगर आपके खाते में अचानक पैसे आते हैं, तो उसे तुरंत वापस करने से पहले सत्यापन करें। यह ठगी का हिस्सा हो सकता है।

बुजुर्ग और गृहणियां ठगों के निशाने पर
SSP के अनुसार, ठग अब उन लोगों को टारगेट कर रहे हैं जो यूट्यूब पर ज्यादा समय बिताते हैं, खासकर बुजुर्ग और गृहणियां। सर्च हिस्ट्री के आधार पर ठग इन लोगों को आसानी से निशाना बनाते हैं। अनजान मैसेज को इग्नोर करना और संदिग्ध नंबरों को ब्लॉक करना सबसे सुरक्षित उपाय है।
यूट्यूब लाइक-सब्सक्राइब का काम अवैध
जानकारी के अनुसार, यूट्यूब किसी भी चैनल को मोनेटाइज करने से पहले उसका सत्यापन करता है। भारत में ऐसी कोई वैध कंपनी नहीं है जो यूट्यूब चैनल को लाइक या सब्सक्राइब करने के लिए पैसे देती हो। कुछ मीडिया कंसलटेंसी फर्म इस तरह के काम कराती हैं, लेकिन यह पूरी तरह अवैध है। ऐसे में इस तरह के मैसेज को ठगी का जाल मानकर सतर्क रहें।
सावधानी ही बचाव
एसएसपी विजय अग्रवाल ने कहा, “साइबर ठगी से बचने का सबसे आसान तरीका है सावधानी। किसी भी अनजान मैसेज, लिंक या ऐप से दूरी बनाए रखें। अगर आपको कोई संदिग्ध मैसेज मिले, तो उसे तुरंत ब्लॉक करें और पुलिस को सूचित करें।”
लोगों से अपील है कि वे इस तरह के लालच में न आएं और अपने बैंक खाते की सुरक्षा सुनिश्चित करें। साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे बड़ा हथियार है।
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