
पटना के अस्पताल में गैंगस्टर की हत्या: पुलिस ने की कार्रवाई, 5 पुलिसकर्मी निलंबित
अस्पताल में सनसनीखेज हत्या
पटना के पारस अस्पताल में 17 जुलाई 2025 को एक सनसनीखेज घटना में, कुख्यात गैंगस्टर चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। चंदन मिश्रा, जो बक्सर जिले का रहने वाला था और हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था, मेडिकल पैरोल पर अस्पताल में भर्ती था। सीसीटीवी फुटेज में पांच हथियारबंद लोग कमरा नंबर 209 में प्रवेश करते और मिश्रा पर गोलियां चलाते हुए दिखाई दिए, जिसके बाद वह मौके पर ही मर गया।
पुलिस ने 5 अधिकारियों को निलंबित किया

इस घटना के बाद, पटना पुलिस ने शास्त्री नगर पुलिस स्टेशन के पांच पुलिसकर्मियों—एक सब-इंस्पेक्टर, दो असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर और दो कांस्टेबल—को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पटना (सेंट्रल) एसपी दीक्षा ने कहा, “इन पुलिसकर्मियों को अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था में चूक के लिए निलंबित किया गया है।” इसके अलावा, गांधी मैदान पुलिस स्टेशन के एक अन्य सब-इंस्पेक्टर को ड्यूटी से अनुपस्थित पाए जाने पर निलंबित किया गया।
कोलकाता में 5 आरोपियों की गिरफ्तारी
पटना पुलिस और पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने संयुक्त ऑपरेशन में कोलकाता के न्यू टाउन में एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से चार ने सीधे तौर पर हत्या में हिस्सा लिया, जबकि पांचवें की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस ने मोबाइल टावर लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों को ट्रैक किया। हत्या का मास्टरमाइंड तौसीफ बादशाह बताया जा रहा है, जो पहले मिश्रा का सहयोगी था।
गैंग वार की आशंका
प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि चंदन मिश्रा की हत्या एक गैंग वार का परिणाम हो सकती है। मिश्रा और उनके पूर्व सहयोगी ओमकारनाथ सिंह उर्फ शेरू के बीच भागलपुर जेल में विवाद हुआ था, जिसके बाद दोनों ने अलग-अलग गैंग बना लिए। मिश्रा के खिलाफ 24 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें 12 से अधिक हत्या के मामले शामिल थे। पुलिस का मानना है कि यह हत्या पुरानी दुश्मनी का नतीजा हो सकती है।
अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जांच में पता चला कि हमलावरों ने अस्पताल के पिछले रास्ते और सीढ़ियों का इस्तेमाल किया, जो सामान्य रूप से उपयोग में नहीं आते। एक कर्मचारी ने बताया कि हमलावरों ने पहले से अस्पताल का सर्वे किया था और एक दोषपूर्ण ताले का फायदा उठाया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या अस्पताल के सुरक्षा गार्ड इस हत्या में शामिल थे।
राजनीतिक विवाद और कानून-व्यवस्था पर सवाल
इस हत्या ने बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर तीखी राजनीतिक बहस छेड़ दी है। विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “क्या बिहार में कोई सुरक्षित है? अपराधी अस्पताल के आईसीयू में घुसकर मरीज की हत्या कर रहे हैं।” वहीं, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने आश्वासन दिया कि अपराधियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
आगे की जांच और कार्रवाई
पटना पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और बक्सर पुलिस के साथ मिलकर हमलावरों की पहचान कर रही है। कोलकाता में गिरफ्तार आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर पटना लाया जाएगा। पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के मोबाइल फोन डेटा को जब्त कर लिया है। इस घटना ने बिहार में बढ़ते अपराध और गैंग वार की समस्या को फिर से उजागर किया है।
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