
बुजुर्ग को परिवार से मिलाने में पुलिस की सराहनीय पहल:CCTNS डेटा बैंक का मिला सहारा
रायपुर, 19 जुलाई 2025: माना कैम्प थाना पुलिस ने एक 75 वर्षीय बुजुर्ग को उनके परिवार से मिलाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। डायल 112 की टीम ने CCTNSडेटा बैंक की मदद से इस कार्य को अंजाम दिया, जिससे एक बार फिर तकनीक और पुलिस की तत्परता ने मानवता की मिसाल पेश की।
रास्ता भटके बुजुर्ग की पहचान
माना कैम्प थाना क्षेत्र में डायल 112 की टीम को सूचना मिली कि एक 75 वर्षीय बुजुर्ग ग्राम नकटी पहुँच गए हैं, जो रास्ता भटक गए थे। बुजुर्ग ने अपना नाम सारंगा कुर्मी और निवास स्थान पेण्ड्री, जांजगीर बताया। डायल 112 की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बुजुर्ग को सुरक्षित थाना लाया।
सीसीटीएनएस डेटा बैंक ने दिखाया रास्ता
थाना प्रभारी श्री यामन कुमार देवांगन के निर्देश पर गुमशुदा व्यक्तियों की सूची में बुजुर्ग की जानकारी खोजी गई, लेकिन सरनेम के आधार पर मिलान नहीं हो सका। इसके बाद CCTNS डेटा बैंक में ग्राम अपराध रजिस्टर के माध्यम से पेण्ड्री ग्राम की खोज की गई, जिसमें नवागढ़ और पामगढ़ थाना क्षेत्रों की जानकारी मिली।

पामगढ़ थाने के आरक्षक श्री यशवंत पाटले से संपर्क करने पर बुजुर्ग की पहचान सारंगा कुर्मी, पिता श्याम लाल कुर्मी के रूप में हुई।
परिवार से हुआ संपर्क, रायपुर में थी तलाश
बुजुर्ग के पुत्र बुरथुराम से संपर्क करने पर पता चला कि वह अपने पिता की तलाश में रायपुर में हैं। उन्होंने बताया कि सारंगा कुर्मी के गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना पंडरी में दर्ज है। इस जानकारी के आधार पर माना कैम्प थाना पुलिस ने सुपुर्दनामा की औपचारिकताएँ पूरी कर बुजुर्ग को थाना पंडरी भेजा।
पुलिस की तत्परता और तकनीक का कमाल
इस पूरी प्रक्रिया में थाना प्रभारी श्री यामन कुमार देवांगन, CCTNS ऑपरेटर सुरेंद्र निषाद (माना कैम्प थाना), और आरक्षक यशवंत पाटले (पामगढ़ थाना) की भूमिका सराहनीय रही। CCTNS डेटा बैंक की मदद से न केवल बुजुर्ग की पहचान हो सकी, बल्कि उन्हें उनके परिवार से मिलाने में भी सफलता मिली। यह घटना पुलिस की त्वरित कार्रवाई और आधुनिक तकनीक के उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है।
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