
Gidam Warehouse में 30 हजार क्विंटल पीडीएस चावल खराब, प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप
दंतेवाड़ा। जिले के गीदम से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। जिले के वेयरहाउस नंबर 6 और 7 में रखा करीब 30 हजार क्विंटल पीडीएस चावल घुन लगने से पूरी तरह खराब हो चुका है। इस लापरवाही की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, हजारों बोरियों में रखा चावल अब खाने लायक नहीं है, फिर भी इसकी सफाई कर दोबारा पैकिंग कर गोदामों, पोटाकेबिन और आश्रमों में सप्लाई करने की तैयारी की जा रही है। इस खराब चावल की कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।

मजदूरों की स्थिति और नाराजगी
वेयरहाउस में चावल की सफाई में 50 से अधिक महिला और पुरुष मजदूर बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के काम कर रहे हैं। मुंह में कपड़ा बांधकर वे घुन लगे चावल से कीड़े अलग कर रहे हैं। मजदूरों ने कहा, “साहब, गरीबों के हिस्से में यही चावल आता है। सरकार जैसा देगी, वैसा ही खाना पड़ेगा। नहीं खाएंगे तो जिएंगे कैसे?”
भंडारण में घोर लापरवाही
गोदाम में चावल की बर्बादी विभागीय लापरवाही के कारण हुई। वैज्ञानिक पद्धति का इस्तेमाल नहीं किया गया, न ही गोदाम का उपचार किया गया और न ही चावल को सुरक्षित रखने वाली दवाओं का प्रयोग हुआ। नान कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस खराब चावल का एक रुपये भी भुगतान नहीं किया जाएगा। साथ ही सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा प्रशासन को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया गया है। बताया गया कि वेयरहाउस में तीनों जिलों का लगभग सात महीने का चावल रखा गया था, लेकिन अब एक भी दाना सुरक्षित नहीं बचा है।

अब आगे क्या होगा
अधिकारियों का कहना है कि खराब चावल की आपूर्ति रोकने और इसकी सही तरीके से नष्ट करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने इस मामले में निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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