
26/11 के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा ने किए चौंकाने वाले खुलासे: पाकिस्तानी सेना और ISI से जुड़े कनेक्शन का कबूलनामा
मुंबई, 07 जुलाई 2025
26/11 मुंबई आतंकी हमले के प्रमुख साजिशकर्ता तहव्वुर हुसैन राणा ने मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। राणा ने स्वीकार किया है कि वह पाकिस्तानी सेना का भरोसेमंद एजेंट था और 2008 के मुंबई हमले के दौरान वह शहर में मौजूद था। इसके साथ ही, उसने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ अपने गहरे संबंधों का खुलासा किया है।
पाकिस्तानी सेना और ISI के साथ संबंध
राणा ने पूछताछ में बताया कि वह न केवल पाकिस्तानी सेना के लिए काम करता था, बल्कि खलीज युद्ध के दौरान उसे सऊदी अरब भी भेजा गया था। उसने यह भी खुलासा किया कि लश्कर-ए-तैयबा केवल एक आतंकी संगठन नहीं है, बल्कि यह एक जासूसी नेटवर्क की तरह काम करता है, जो ISI के इशारे पर भारत के खिलाफ साजिशें रचता है। राणा ने कबूल किया कि उसने मुंबई हमले से पहले आतंकी ठिकानों की रेकी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
डेविड हेडली से नजदीकी

तहव्वुर राणा आतंकी डेविड हेडली का करीबी दोस्त था, जो 26/11 हमले में शामिल एक अन्य प्रमुख साजिशकर्ता था। हेडली ने अपनी पूछताछ में राणा का जिक्र किया था, जिसके बाद राणा की भूमिका पर संदेह गहरा गया था। राणा ने स्वीकार किया कि वह हमले की साजिश का हिस्सा था और उसने हमले के लिए जरूरी जानकारी जुटाने में मदद की थी। 26 नवंबर 2008 को 10 पाकिस्तानी आतंकियों ने अरब सागर के रास्ते मुंबई में प्रवेश कर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस, दो लग्जरी होटलों और एक यहूदी सेंटर पर हमला किया था, जिसमें 166 लोग मारे गए थे।
लश्कर-ए-तैयबा की कार्यप्रणाली
राणा ने लश्कर-ए-तैयबा की कार्यप्रणाली पर भी प्रकाश डाला। उसने बताया कि यह संगठन न केवल आतंकी हमलों की योजना बनाता है, बल्कि यह ISI के साथ मिलकर भारत के खिलाफ जासूसी और अन्य गतिविधियों को अंजाम देता है। राणा के खुलासों ने पाकिस्तान की सैन्य और खुफिया एजेंसियों की भारत विरोधी गतिविधियों को और उजागर किया है।
जांच और भविष्य की कार्रवाई

मुंबई पुलिस और NIA की टीमें राणा के खुलासों के आधार पर आगे की जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, राणा की गवाही से 26/11 हमले से जुड़े कई अनसुलझे सवालों के जवाब मिल सकते हैं। हाल ही में दिल्ली की एक अदालत ने राणा को अपने परिवार से बात करने की अनुमति दी है, लेकिन उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
राणा के खुलासों ने एक बार फिर 26/11 हमले की भयावहता को सामने लाया है और भारत सरकार से इस मामले में कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है। यह खुलासा भारत-पाकिस्तान संबंधों पर भी असर डाल सकता है, क्योंकि राणा के बयान ने पाकिस्तानी सेना और ISI की भूमिका को स्पष्ट रूप से उजागर किया है।
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