
25 OTT प्लेटफॉर्म पर सरकार का प्रतिबंध: अश्लील सामग्री का आरोप
25 जुलाई , 2025
सरकार का सख्त कदम
भारत सरकार ने 25 ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिन पर अश्लील, अशोभनीय और पोर्नोग्राफिक सामग्री प्रसारित करने का आरोप है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने गृह मंत्रालय, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के साथ मिलकर यह कार्रवाई की। इस कदम का उद्देश्य विशेष रूप से नाबालिगों तक ऐसी सामग्री की पहुंच को रोकना और डिजिटल सामग्री को कानूनी व नैतिक मानकों के अनुरूप बनाना है।
कानूनी और नैतिक आधार

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन प्लेटफॉर्म्स ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं का उल्लंघन किया। इनमें से कुछ प्लेटफॉर्म्स की पहचान ट्राइफ्लिक्स जैसे नामों से हुई है। यह कार्रवाई पिछले साल 18 अन्य ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए प्रतिबंध के बाद की गई है, जिसमें 19 वेबसाइट्स, 10 मोबाइल ऐप्स, और 57 सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी ब्लॉक किया गया था। सरकार ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को इन वेबसाइट्स तक सार्वजनिक पहुंच अक्षम करने का निर्देश दिया है।
उद्योग और विशेषज्ञों की भूमिका
इस निर्णय में फिक्की और सीआईआई जैसे उद्योग निकायों के साथ-साथ महिला और बाल अधिकार विशेषज्ञों की सलाह ली गई। बीजेपी सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने पहले भी चेतावनी दी थी कि रचनात्मकता के नाम पर अश्लीलता को बढ़ावा देने वाले प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यह कदम डिजिटल स्पेस में स्वच्छता और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
समाज पर प्रभाव
यह प्रतिबंध डिजिटल सामग्री के उपभोक्ताओं, विशेषकर युवाओं और परिवारों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। कई लोग इस कदम का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश मान रहे हैं। सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई समाज के नैतिक मूल्यों को बनाए रखने और बच्चों को अनुचित सामग्री से बचाने के लिए आवश्यक थी।
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