
23 जनवरी से शुरू होगी हावड़ा से पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, यात्रियों में जबरदस्त उत्साह
नई दिल्ली/कोलकाता/गुवाहाटी: भारतीय रेलवे ने यात्रियों को एक ऐतिहासिक सौगात दी है। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन अब नियमित व्यावसायिक सेवा में प्रवेश कर रही है। हावड़ा-कामाख्या रूट पर यह ट्रेन 23 जनवरी 2026 से हावड़ा से अपनी नियमित यात्रा शुरू करेगी, जबकि कामाख्या से यह सेवा 22 जनवरी से ही शुरू हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 17 जनवरी को उद्घाटन के बाद इस ट्रेन को लेकर पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के यात्रियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
टिकट बुकिंग खुलते ही सभी सीटें फुल
रेलवे के अनुसार, टिकट बुकिंग 19 जनवरी को खुली और 27 जनवरी तक की लगभग सभी एसी फर्स्ट क्लास (1A), एसी टू-टियर (2A) और एसी थ्री-टियर (3A) सीटें चंद घंटों में ही पूरी तरह बुक हो गईं। यह इस प्रीमियम स्लीपर ट्रेन की लोकप्रियता और यात्रियों के भरोसे का स्पष्ट संकेत है। कई यात्रियों ने इसे लंबी दूरी की यात्रा के लिए अब तक की सबसे आरामदायक और तेज विकल्प बताया है।

हफ्ते में 6 दिन संचालन, गुरुवार को छूट
यह वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हफ्ते में 6 दिन चलेगी। हावड़ा से कामाख्या जाने वाली ट्रेन (ट्रेन नंबर 27575) गुरुवार को छोड़कर प्रतिदिन शाम 6:20 बजे हावड़ा से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 8:20 बजे कामाख्या पहुंचेगी। वहीं, कामाख्या से हावड़ा जाने वाली ट्रेन (ट्रेन नंबर 27576) बुधवार को छोड़कर शाम 6:15 बजे रवाना होकर सुबह 8:15 बजे हावड़ा पहुंचती है। कुल दूरी करीब 972 किलोमीटर है, जो मात्र 14 घंटे में तय की जाती है – यह रूट पर अब तक की सबसे तेज ट्रेन है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रेन
यात्रियों को मिलने वाली खास सुविधाएं इस ट्रेन को खास बनाती हैं:
- पूर्णतः एयर-कंडीशन्ड स्लीपर कोच (11 AC 3-टियर, 4 AC 2-टियर, 1 AC फर्स्ट क्लास)
- उन्नत सस्पेंशन सिस्टम और कम शोर वाला सफर
- आरामदायक, कुशन वाली बर्थ और एर्गोनॉमिक डिजाइन
- आधुनिक सुरक्षा फीचर्स जैसे कवच सिस्टम, इमरजेंसी टॉक-बैक और CCTV निगरानी
- स्वच्छ, हाई-टेक शौचालय और स्वचालित दरवाजे
- तेज गति (अधिकतम 180 किमी/घंटा क्षमता) से समय की बचत
- दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्था
पूर्वोत्तर भारत की कनेक्टिविटी में मील का पत्थर
हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत को पूर्वोत्तर भारत की रेल कनेक्टिविटी के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे असम, पश्चिम बंगाल और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के बीच यात्रा आसान, तेज और आरामदायक हो गई है। पर्यटन, व्यापार और सामाजिक-आर्थिक विकास को मिलने वाला यह बढ़ावा क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। रेल मंत्रालय के अनुसार, यह ट्रेन विमान किराए से काफी सस्ती होने के साथ भोजन सहित यात्रा का बेहतरीन विकल्प पेश करती है।
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