
18 साल पुराने तखतपुर तार चोरी मामले में Highcourt का बड़ा फैसला
बिलासपुर, 1 अक्टूबर 2025। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने 18 साल पुराने तखतपुर तार चोरी मामले में एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी को दोषी तो माना, लेकिन कहा कि इतने लंबे समय बाद अब उसे जेल भेजना न्यायसंगत नहीं होगा। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी को सजा के स्थान पर दंडात्मक जुर्माना भरने का आदेश दिया।
मामला क्या था?
साल 2007 में बिलासपुर जिले के तखतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत विद्युत विभाग की लाइन से तार चोरी की घटना हुई थी। उस समय विभागीय अधिकारियों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में यह साबित हुआ कि सरकारी विद्युत लाइन से तार काटकर चोरी की गई थी।
निचली अदालत का फैसला
निचली अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी को दोषी ठहराया और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 379 (चोरी) के तहत जेल की सजा सुनाई। आरोपी ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी।

हाईकोर्ट में सुनवाई
- हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि—
- घटना को हुए 18 साल बीत चुके हैं।
- आरोपी अब समाज में सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा है और उसके खिलाफ अन्य कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।
- इतने लंबे समय बाद आरोपी को जेल भेजना उसके और उसके परिवार के लिए अनुचित और अन्यायपूर्ण होगा।
राज्य पक्ष ने भी माना कि आरोपी पहले से ही लंबे समय तक मुकदमेबाजी झेल चुका है।
कोर्ट का फैसला
अदालत ने माना कि अपराध साबित होता है, लेकिन अब जेल भेजना “न्याय के उद्देश्य को पूरा करने के बजाय केवल प्रताड़ना” होगी।
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