
15 करोड़ की ठगी: पूर्व सीएम के करीबी केके श्रीवास्तव भोपाल से गिरफ्तार
रायपुर: राजनीतिक रसूख का फायदा उठाकर 15 करोड़ की ठगी करने के आरोपी, पूर्व मुख्यमंत्री के करीबी और बिलासपुर निवासी केके श्रीवास्तव को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने भोपाल के एमरॉल्ड होटल से गिरफ्तार किया है। ईओडब्ल्यू की टीम आरोपी को सोमवार को रायपुर लेकर पहुंचेगी। श्रीवास्तव पर दिल्ली की कंपनी रावत एसोसिएट्स के मालिक अर्जुन रावत को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में काम दिलाने का झांसा देकर 15 करोड़ की ठगी करने का आरोप है। पैसे वापस मांगने पर धमकाने के भी आरोप हैं।
एफआईआर के बाद फरार, हाईकोर्ट से जमानत खारिज
केके श्रीवास्तव और उनके बेटे कंचन श्रीवास्तव के खिलाफ 10 महीने पहले रायपुर के तेलीबांधा थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत दर्ज होने की जानकारी मिलते ही दोनों फरार हो गए। उन्होंने जिला न्यायालय और फिर हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया, लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। पुलिस जांच में सामने आया कि श्रीवास्तव ने ठगी के पैसे को जोमैटो और स्विगी में काम करने वाले युवकों के खातों में ट्रांसफर कराया था।
तंत्र साधना से नेताओं तक पहुंच
केके श्रीवास्तव एक कारोबारी होने के साथ-साथ तंत्र साधना और धार्मिक अनुष्ठानों में भी सक्रिय थे। इनके जरिए उन्होंने प्रदेश के कई कद्दावर नेताओं से नजदीकी बनाई और उनकी पहुंच तत्कालीन मुख्यमंत्री तक हो गई। इसी रसूख का फायदा उठाकर उन्होंने दिल्ली की कंपनी रावत एसोसिएट्स को रायपुर में स्मार्ट सिटी के 500 करोड़ के प्रोजेक्ट में काम दिलाने का लालच देकर 15 करोड़ की ठगी की।
धमकी और बाउंस चेक का खेल
रावत एसोसिएट्स के संचालक अर्जुन रावत ने पुलिस को बताया कि श्रीवास्तव ने एक बड़े नेता से मुलाकात कराकर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में काम दिलाने का वादा किया था।

इसके एवज में 15 करोड़ रुपये लिए गए। जब काम नहीं हुआ और रावत ने पैसे वापस मांगे, तो श्रीवास्तव ने पहले टालमटोल किया। बाद में एक चेक दिया, जो बाउंस हो गया। इसके बाद पैसे मांगने पर श्रीवास्तव ने रावत को धमकाना शुरू कर दिया। परेशान होकर रावत ने तेलीबांधा थाने में शिकायत दर्ज कराई।
ईडी और ईओडब्ल्यू की कार्रवाई
तत्कालीन एसएसपी संतोष सिंह ने केके श्रीवास्तव को भगोड़ा घोषित कर इनाम की घोषणा की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और ईओडब्ल्यू को पत्र लिखा गया। ईडी ने श्रीवास्तव के खिलाफ 50 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया है, जिसकी जांच जारी है। इस बीच, ईओडब्ल्यू को सूचना मिली कि श्रीवास्तव भोपाल में छिपा हुआ है। इसके बाद टीम ने छापा मारकर उसे एमरॉल्ड होटल से गिरफ्तार कर लिया।
बेटा अभी भी फरार
मामले में सह-आरोपी और केके का बेटा कंचन श्रीवास्तव अभी भी फरार बताया जा रहा है। पुलिस और ईओडब्ल्यू उसकी तलाश में जुटी है। इस ठगी के मामले ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है, क्योंकि श्रीवास्तव के बड़े नेताओं से संबंध होने की बात सामने आ रही है।
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