
दिल्ली में जौहरी की मौत: हादसा या हत्या? पत्नी और साले को हिरासत में लिया गया
प्रारंभिक तौर पर माना गया बिजली का झटका
नई दिल्ली, 19 जुलाई: पश्चिम दिल्ली के उत्तम नगर में 36 वर्षीय जौहरी करण देव की मौत को शुरू में बिजली के झटके से हुआ हादसा माना गया था। उनकी पत्नी सुष्मिता ने 13 जुलाई को उन्हें माता रूपरानी मग्गो अस्पताल में मृत अवस्था में लाया, जहां उन्होंने दावा किया कि करण को बिजली का झटका लगा था। हालांकि, पुलिस ने अप्राकृतिक मौत के कारण शव का पोस्टमार्टम कराने का फैसला किया, जिसके बाद मामला हत्या की जांच में बदल गया।
भाई की शंका और सबूतों ने खोला राज

करण के छोटे भाई कुणाल ने 16 जुलाई को पुलिस से संपर्क किया और अपनी शंकाओं को साझा किया। उन्होंने सुष्मिता और करण के चचेरे भाई राहुल के बीच इंस्टाग्राम चैट के स्क्रीनशॉट्स उपलब्ध कराए, जिसमें हत्या की योजना का खुलासा हुआ। चैट में सुष्मिता ने राहुल से पूछा, “15 नींद की गोलियों के बाद मृत्यु में कितना समय लगता है?” और राहुल ने जवाब दिया, “अगर कुछ समझ न आए तो उसे बिजली का झटका दे दो।” इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने हत्या और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया।
सुष्मिता और राहुल का अवैध संबंध
जांच में पता चला कि सुष्मिता और राहुल, जो करण का चचेरा भाई है, के बीच अवैध संबंध थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुष्मिता तलाक नहीं चाहती थी, क्योंकि इससे सामाजिक बदनामी और उनके छह साल के बेटे पर असर पड़ता। इसलिए, दोनों ने मिलकर करण को नींद की गोलियां देकर बेहोश करने और फिर बिजली का झटका देकर हत्या करने की योजना बनाई। पोस्टमार्टम में बिजली के झटके से मौत की पुष्टि हुई, लेकिन पेट में नींद की गोलियों के अवशेष भी मिले, जिसने हत्या की आशंका को और मजबूत किया।
हत्या की साजिश का खुलासा
पुलिस ने बताया कि 12 जुलाई की रात को सुष्मिता ने करण के खाने में नींद की गोलियां मिलाईं। जब वह गहरी नींद में था, तब सुष्मिता और राहुल ने एक हाई-वोल्टेज एक्सटेंशन कॉर्ड का उपयोग करके उसे बिजली का झटका दिया। इसके बाद सुष्मिता ने परिवार को बताया कि करण ने गलती से बिजली का तार छू लिया था। हालांकि, पड़ोसियों ने उस सुबह राहुल को करण के फ्लैट के पास देखा था, जो जांच में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस ने सुष्मिता और राहुल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। डीसीपी (द्वारका) अंकित सिंह ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (हत्या) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच में डिजिटल सबूतों, जैसे इंस्टाग्राम चैट और इंटरनेट सर्च हिस्ट्री, ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जल्द ही और विवरण सामने आएंगे।
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