February 10, 2026
पूरे परिवार की गिरफ्तारी के नाम पर डराया और 100 करोड़ की ठगी की, 2 जालसाज गिरफ्तार

पूरे परिवार की गिरफ्तारी के नाम पर डराया और 100 करोड़ की ठगी की, 2 जालसाज गिरफ्तार

Feb 9, 2026

दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने एक बड़े डिजिटल अरेस्ट स्कैम का खुलासा करते हुए दो मुख्य आरोपियों अनीश सिंह और मणि सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑनलाइन मनोवैज्ञानिक धोखाधड़ी के जरिए लोगों को कानून, गिरफ्तारी और बदनामी का डर दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह केवल आर्थिक ठगी नहीं, बल्कि पीड़ितों को मानसिक रूप से तोड़ने की साजिश पर काम कर रहा था।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर महीनों तक मानसिक कैद
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने एक महिला को करीब तीन महीने तक तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा। इस दौरान उसे लगातार डराया-धमकाया गया और किसी से भी संपर्क न करने के निर्देश दिए गए। मानसिक दबाव में आकर महिला ने अपनी जीवनभर की करीब 40 लाख रुपये की जमा पूंजी आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दी

फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर रची साजिश
15 अक्टूबर 2025 से 12 दिसंबर 2025 के बीच आरोपियों ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर पीड़िता से संपर्क किया। उस पर आधार कार्ड के दुरुपयोग का झूठा आरोप लगाया गया और गिरफ्तारी की धमकी दी गई। इसके बाद कॉल को एक महिला ‘अधिकारी’ के पास ट्रांसफर किया गया, जिसने WhatsApp वीडियो कॉल के जरिए फर्जी FIR, जाली गिरफ्तारी वारंट दिखाकर पूरे परिवार को फंसाने की धमकी दी।

हर ट्रांजैक्शन के बाद सबूत मिटाने के निर्देश
आरोपियों ने पीड़िता को निर्देश दिए कि वह किसी से बात न करे और रोजाना उनसे संपर्क में रहे। डर और मानसिक दबाव के बीच किस्तों में 40 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। हर भुगतान के बाद चैट, कॉल लॉग और डिजिटल सबूत मिटाने के आदेश दिए जाते थे। इसके बावजूद आरोपी रिफंड और वेरिफिकेशन के नाम पर पीड़िता पर मनोवैज्ञानिक नियंत्रण बनाए रखते रहे

शिकायत के बाद खुला बड़ा नेटवर्क
आखिरकार पीड़िता ने साहस जुटाकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद E-FIR नंबर 60001703/2025 दर्ज की गई। मामले की जांच साइबर सेल के इंस्पेक्टर संदीप सिंह को सौंपी गई, जिसमें हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार ने सहयोग किया।

शेल अकाउंट और UPI नेटवर्क का खुलासा
जांच के दौरान कई राज्यों में फैले शेल बैंक अकाउंट और UPI आईडी का जाल सामने आया। फंड ट्रेल की जांच में मेसर्स वृंदाकार्ट स्काईलाइन शॉपर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रजिस्टर्ड एक बैंक अकाउंट का पता चला, जो पश्चिम दिल्ली के न्यू महावीर नगर से संचालित हो रहा था। जांच में लेयर-1 से लेयर-4 तक फंड मूवमेंट सामने आया।

100 करोड़ से ज्यादा की ठगी का कनेक्शन
NCRP पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, इस एक अकाउंट से जुड़े 190 साइबर फ्रॉड मामलों की शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी शामिल है। पूछताछ में आरोपियों ने कंपनी के नाम पर 8 बैंक अकाउंट खोले जाने की बात भी कबूल की है।

पुलिस की अपील
दिल्ली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, वीडियो कॉल या खुद को पुलिस/सरकारी अधिकारी बताने वालों से सतर्क रहें। किसी भी प्रकार की धमकी या संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

 

👉 हमारे WhatsApp group से जुड़ने के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇

https://chat.whatsapp.com/KoD8NZUKKtmFqIxvNmiCwx?mode=gi_t


Walkie Talkie News की शुरुआत हमने इस सोच के साथ की कि आपको हर खबर मिले सबसे पहले, सबसे सटीक और बिना किसी लाग-लपेट के। डिजिटल दौर में जहाँ अफवाहें हवा से तेज़ फैलती हैं, वहाँ हमारा मकसद है—आप तक पहुँचे सिर्फ़ सच, वो भी रियल टाइम में। भिलाई-दुर्ग और आसपास की हर लोकल हलचल, हर अहम जानकारी अब आपकी उंगलियों की ज़द में है।
Editor: Saurabh Tiwari
Phone: 8839303956
Email: walkietalkiemynews@gmail.com
Office Address: Shop No. 25, Aakash Ganga, Supela, Bhilai, Durg, Chhattisgarh

© Copyright Walkie Talkie News 2025 | All Rights Reserved | Made in India by MediaFlix